
राजकोट के निरंजन शाह स्टेडियम में बुधवार को भारत के भरोसेमंद बल्लेबाज केएल राहुल ने न्यूजीलैंड के खिलाफ दूसरे वनडे मैच में शानदार नाबाद शतक जड़कर इतिहास रच दिया। वह 50 ओवर प्रारूप में न्यूजीलैंड के खिलाफ शतक लगाने वाले पहले भारतीय विकेटकीपर बन गए हैं। इसके साथ ही राहुल राजकोट में वनडे शतक लगाने वाले पहले भारतीय खिलाड़ी भी बने।
राहुल ने 87 गेंदों में अपना आठवां वनडे शतक पूरा किया। उन्होंने यह उपलब्धि 49वें ओवर में काइल जैमीसन की फुल टॉस गेंद को दर्शकों के बीच भेजकर हासिल की। राहुल 112 रन बनाकर नाबाद लौटे, जिसमें 11 चौके और एक छक्का शामिल था।
नंबर पांच पर बल्लेबाजी करने उतरे राहुल की शुरुआत धीमी रही। उन्होंने पहली छह गेंदों पर कोई रन नहीं बनाया, लेकिन सातवीं गेंद पर खाता खोला। कुछ ही देर में उन्हें विराट कोहली का साथ भी गंवाना पड़ा, जो 23 रन बनाकर आउट हो गए।
कठिन हालात में राहुल ने रविंद्र जडेजा के साथ 73 रन की अहम साझेदारी की। जडेजा 27 रन बनाकर आउट हुए, लेकिन इसके बाद राहुल ने नितीश कुमार रेड्डी के साथ मिलकर पारी को संभाले रखा। उनकी संयमित बल्लेबाजी की बदौलत भारत ने न्यूजीलैंड के सामने 284/7 का चुनौतीपूर्ण लक्ष्य रखा।
इस वनडे सीरीज में राहुल की सबसे बड़ी ताकत उनका धैर्य और मैच की स्थिति को समझने की क्षमता रही है। बड़े लक्ष्य का पीछा हो या शुरुआती विकेट गिरने के बाद पारी संभालनी हो, राहुल ने हर बार संतुलित खेल दिखाया है।
न्यूजीलैंड के खिलाफ वनडे में उनका औसत 65 से अधिक है, जो उनकी निरंतरता को दर्शाता है। इससे पहले वडोदरा में खेले गए पहले वनडे में भी राहुल ने 21 गेंदों में 29 रन की तेज पारी खेलकर भारत को चार विकेट से जीत दिलाई थी।
राहुल का यह प्रदर्शन न सिर्फ रिकॉर्ड बुक में दर्ज हुआ, बल्कि भारतीय टीम के लिए उनकी अहमियत को भी एक बार फिर साबित करता है।






