
भारतीय पुरुष हॉकी टीम के अनुभवी मिडफील्डर और पूर्व कप्तान मनप्रीत सिंह को आगामी एफआईएच प्रो लीग सत्र से पहले संभावित खिलाड़ियों की सूची से बाहर किए जाने के फैसले ने कई लोगों को चौंका दिया है। हालांकि, टीम से जुड़े सूत्रों का कहना है कि यह निर्णय हालिया नहीं बल्कि दिसंबर 2025 में दक्षिण अफ्रीका दौरे के दौरान ही अनुशासनात्मक कारणों से ले लिया गया था।
मनप्रीत के अलावा फॉरवर्ड दिलप्रीत सिंह और अनुभवी गोलकीपर कृष्ण बहादुर पाठक को भी संभावित खिलाड़ियों की सूची में शामिल नहीं किया गया है। भारतीय टीम ने सात से दस दिसंबर के बीच दक्षिण अफ्रीका में दो टेस्ट और एक अभ्यास मैच खेला था, इसी दौरे के दौरान एक गंभीर अनुशासनहीनता का मामला सामने आया।
जानकारी के अनुसार, टीम के एक खिलाड़ी को कथित तौर पर प्रतिबंधित पदार्थ वाली च्युइंग गम दी गई थी, जिससे वह बेहोश हो गया। इस घटना में मनप्रीत, दिलप्रीत और पाठक के शामिल होने का आरोप है। प्रभावित खिलाड़ी पूरी रात अस्वस्थ रहा और अगली सुबह टीम बैठक में भी शामिल नहीं हो सका। मामले के सामने आने के बाद तीनों खिलाड़ियों ने माफी मांगी, लेकिन उसी समय उन्हें आगामी शिविर और प्रो लीग की संभावित सूची से बाहर रखने का निर्णय सुना दिया गया।
हालांकि, यह भी जानकारी मिली है कि मुख्य कोच क्रेग फुल्टन की ओर से इस घटना को लेकर हॉकी इंडिया को कोई औपचारिक लिखित रिपोर्ट नहीं सौंपी गई है।
हॉकी इंडिया ने राउरकेला में 10 से 15 फरवरी तक होने वाले एफआईएच प्रो लीग मुकाबलों के लिए संभावित खिलाड़ियों की सूची जारी करते हुए कहा था कि कुछ सीनियर खिलाड़ियों को कार्यभार प्रबंधन के तहत आराम दिया गया है। लेकिन मनप्रीत के हालिया प्रदर्शन को देखते हुए इस फैसले पर सवाल उठना स्वाभाविक है।
दो ओलंपिक कांस्य पदक विजेता टीमों का हिस्सा रहे 33 वर्षीय मनप्रीत सिंह पिछले 15 वर्षों में पहली बार राष्ट्रीय शिविर की संभावित सूची में जगह नहीं बना पाए हैं।






