
Mustafizur controversy:बांग्लादेश के पूर्व कप्तान तमीम इकबाल को “भारत का एजेंट” कहे जाने पर देश के कई मौजूदा और पूर्व क्रिकेटरों ने कड़ी नाराज़गी जताई है। इस विवाद की शुरुआत तब हुई, जब तमीम ने बीबीसी से बातचीत में कहा कि भारत में होने वाले टी-20 विश्व कप में खेलने को लेकर बांग्लादेश को भावनाओं में बहकर नहीं, बल्कि भविष्य को ध्यान में रखते हुए फैसला करना चाहिए।
इसके बाद बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड (बीसीबी) की वित्त समिति के अध्यक्ष नजमुल ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट करते हुए तमीम को “भारतीय एजेंट” बताया। उन्होंने लिखा कि बांग्लादेश के लोगों ने इस बार अपनी आंखों से एक भारतीय एजेंट का उदय देखा है। इस टिप्पणी ने क्रिकेट जगत में भारी नाराज़गी पैदा कर दी।तेज गेंदबाज तस्कीन अहमद, पूर्व कप्तान मोमिनुल हक और स्पिनर ताइजुल इस्लाम समेत कई खिलाड़ियों ने नजमुल के बयान की आलोचना की। इसके अलावा बांग्लादेश क्रिकेटर्स वेलफेयर एसोसिएशन ने भी इस बयान को अपमानजनक बताया। संगठन ने कहा कि 16 वर्षों तक देश की सेवा करने वाले बांग्लादेश के सबसे सफल ओपनर के बारे में इस तरह की टिप्पणी पूरी क्रिकेट बिरादरी के लिए अस्वीकार्य है।
वेलफेयर एसोसिएशन ने बीसीबी अध्यक्ष को औपचारिक विरोध पत्र सौंपते हुए संबंधित अधिकारी से सार्वजनिक माफी और जवाबदेही की मांग की है। उनका कहना है कि जब कोई बोर्ड निदेशक सार्वजनिक मंच पर ऐसी बातें करता है, तो इससे बोर्ड की आचार संहिता पर गंभीर सवाल उठते हैं।
गौरतलब है कि बीसीबी ने पहले ही आईसीसी को दो बार पत्र लिखकर बांग्लादेश के टी-20 विश्व कप मुकाबले भारत से श्रीलंका स्थानांतरित करने की मांग की थी। हालांकि आईसीसी ने स्पष्ट किया है कि भारत में बांग्लादेश टीम की सुरक्षा को लेकर कोई खतरा नहीं है और फिलहाल मैच शिफ्ट नहीं किए जाएंगे।
तमीम ने अपने बयान में यह भी कहा था कि बांग्लादेश को यह सोचना होगा कि वह विश्व क्रिकेट में कहां खड़ा है और आने वाले 10 वर्षों में उसका भविष्य क्या होगा। उनके मुताबिक, संवाद और समझदारी से कई मुद्दे सुलझाए जा सकते हैं।






