Allअन्य खेल
Trending

All England Open Badminton: विक्टर को हराकर लक्ष्य सेन फाइनल में, अब इतिहास रचने से एक कदम दूर

अगर लक्ष्य यह खिताब जीतते हैं तो भारत का 25 साल का इंतजार खत्म हो जाएगा। इससे पहले प्रकाश पादुकोण (1980) और पुलेला गोपीचंद (2001) ही ऑल इंग्लैंड का खिताब जीतने वाले भारतीय खिलाड़ी रहे हैं।

Lakshya sen enters into Final: भारतीय बैडमिंटन स्टार लक्ष्य सेन ने अदम्य साहस और शानदार खेल का प्रदर्शन करते हुए कनाडा के विक्टर लाई को हराकर ऑल इंग्लैंड ओपन बैडमिंटन चैंपियनशिप के फाइनल में जगह बना ली। पैरों में दर्दनाक छाले और ऐंठन के बावजूद लक्ष्य ने 1 घंटे 37 मिनट तक चले रोमांचक मुकाबले में 21-16, 18-21, 21-15 से जीत दर्ज की।

अल्मोड़ा के 24 वर्षीय लक्ष्य सेन अब रविवार को फाइनल में चीनी ताइपे के विश्व नंबर 11 लिन चुन-यी से भिड़ेंगे। अगर लक्ष्य यह खिताब जीतते हैं तो भारत का 25 साल का इंतजार खत्म हो जाएगा। इससे पहले प्रकाश पादुकोण (1980) और पुलेला गोपीचंद (2001) ही ऑल इंग्लैंड का खिताब जीतने वाले भारतीय खिलाड़ी रहे हैं।

यह लक्ष्य सेन का ऑल इंग्लैंड फाइनल में दूसरा प्रवेश है। इससे पहले वह 2022 में उपविजेता रहे थे। सेमीफाइनल में उन्होंने बेहतरीन मानसिक मजबूती, शानदार रक्षा और सटीक शॉट्स का प्रदर्शन किया। मैच के दौरान दोनों खिलाड़ियों के बीच कई लंबी रैलियां देखने को मिलीं, जिनमें एक रैली 86 शॉट तक चली।

पहले गेम में लक्ष्य ने शानदार आक्रामक खेल दिखाया और सटीक स्मैश व नेट प्ले की मदद से 21-16 से जीत हासिल की। दूसरे गेम में लाई ने वापसी की और लक्ष्य को 21-18 से हराकर मुकाबला निर्णायक गेम तक पहुंचा दिया।तीसरे गेम में लक्ष्य ने शुरुआत से ही बढ़त बना ली। हालांकि मैच के दौरान उन्हें पैरों में ऐंठन की समस्या से जूझना पड़ा और उन्हें मेडिकल सहायता भी लेनी पड़ी। इसके बावजूद उन्होंने शानदार संयम दिखाते हुए अंक जुटाए। एक समय लाई ने स्कोर 14-16 तक पहुंचाकर दबाव बनाया, लेकिन लक्ष्य ने जबरदस्त स्मैश के साथ वापसी की।

अंत में लक्ष्य ने लगातार आक्रामक शॉट्स खेलते हुए पांच मैच प्वाइंट हासिल किए और जोरदार स्मैश के साथ ऐतिहासिक जीत दर्ज की।इस जीत के साथ लक्ष्य सेन अब ऑल इंग्लैंड ओपन का खिताब जीतने से सिर्फ एक कदम दूर हैं और भारतीय बैडमिंटन इतिहास में नया अध्याय लिखने की दहलीज पर खड़े हैं।

Related Articles

Back to top button