
टी20 विश्व कप के सुपर-8 मुकाबले में भारत को टूर्नामेंट की पहली हार का सामना करना पड़ा और वह भी एकतरफा अंदाज में। दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ 188 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए भारतीय बल्लेबाज पूरी तरह दबाव में नजर आए और टीम 111 रन पर ढेर हो गई। इस हार के बाद सेमीफाइनल में पहुंचने के लिए अब भारत को अगले दोनों मुकाबले जीतना अनिवार्य होगा।नरेंद्र मोदी स्टेडियम में दो अपराजित टीमों के बीच मुकाबला रोमांचक शुरुआत के साथ आगे बढ़ा।
दक्षिण अफ्रीका के कप्तान एडेन मार्करैम ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी का फैसला किया। जसप्रीत बुमराह ने नई गेंद से शानदार प्रदर्शन करते हुए क्विंटन डिकॉक (6) और रायन रिकेल्टन (7) को जल्दी पवेलियन भेजा। अर्शदीप सिंह ने कप्तान मार्करैम (4) को आउट कर भारत को तीसरी सफलता दिलाई। महज चार ओवर में दक्षिण अफ्रीका 20 रन पर तीन विकेट गंवा चुका था और भारत मजबूत स्थिति में दिख रहा था।
लेकिन इसके बाद डेविड मिलर और डेवाल्ड ब्रेविस ने मुकाबले का रुख पलट दिया। दोनों ने चौथे विकेट के लिए 51 गेंदों में 97 रन की विस्फोटक साझेदारी की। मिलर ने स्पिनर वरुण चक्रवर्ती और तेज़ गेंदबाज़ अर्शदीप पर आक्रामक शॉट्स लगाए, जबकि ‘बेबी एबी’ के नाम से मशहूर ब्रेविस ने लंबे छक्कों से भारतीय गेंदबाज़ों पर दबाव बनाया। इस साझेदारी ने दक्षिण अफ्रीका को 187 रन के चुनौतीपूर्ण स्कोर तक पहुंचा दिया।
जवाब में भारत की शुरुआत भी निराशाजनक रही। पहले ओवर में इशान किशन और अगले ही ओवर में तिलक वर्मा आउट हो गए। अभिषेक शर्मा ने 15 रन बनाए, लेकिन बड़ी पारी नहीं खेल सके। सूर्यकुमार यादव भी गैर-जिम्मेदाराना शॉट खेलकर चलते बने। केवल शिवम दुबे ने कुछ देर संघर्ष किया, मगर दूसरे छोर से विकेट गिरते रहे और भारत लक्ष्य हासिल करने में नाकाम रहा। यह हार भारतीय टीम के लिए चेतावनी है कि बड़े मुकाबलों में निरंतरता और संयम कितने अहम हैं।





