डिफेंडिंग चैंपियन भारत ने मुश्किल हालात से उबरते हुए एक प्रतिस्पर्धी स्कोर खड़ा तो कर लिया, लेकिन इस मुकाबले में असली श्रेय अमेरिका की शानदार गेंदबाज़ी को जाता है। पहले गेंदबाजी करते हुए अमेरिकी गेंदबाज़ों ने जिस अनुशासन और आक्रामकता के साथ प्रदर्शन किया, उसने भारत की बल्लेबाजी को पूरी तरह झकझोर कर रख दिया।
टास जीतकर जब अमेरिकी कप्तान मोनांक पटेल ने भारत को बल्लेबाजी के लिए भेजा, तब 200 से ज्यादा का स्कोर लगभग तय माना जा रहा था। लेकिन पारी की दूसरी ही ओवर में अभिषेक शर्मा बिना खाता खोले आउट हो गए, जिसने भारतीय पारी की दिशा तय कर दी। पावरप्ले के दौरान अमेरिका की सटीक लाइन-लेंथ, लगातार डॉट गेंदें और समय पर मिले विकेटों ने भारत को दबाव में डाल दिया। छह ओवर के भीतर भारत चार विकेट खोकर केवल 46 रन ही बना सका।
मध्य ओवरों में भी भारत की मुश्किलें कम नहीं हुईं। नियमित अंतराल पर विकेट गिरते रहे और 13वें ओवर में टीम का स्कोर 77 रन पर छह विकेट हो गया। ऐसा लग रहा था कि भारत बेहद मामूली स्कोर तक सिमट सकता है। ऐसे कठिन समय में अक्षर पटेल और कप्तान सूर्यकुमार यादव ने पारी को संभालने का जिम्मा उठाया। दोनों ने सूझबूझ के साथ बल्लेबाजी करते हुए टीम को स्थिरता दी। अक्षर पटेल हालांकि बड़ी पारी नहीं खेल सके, लेकिन उन्होंने अहम साझेदारी निभाई।
दूसरी ओर, सूर्यकुमार यादव ने कप्तानी पारी खेलते हुए अंत तक मोर्चा संभाले रखा। सूर्यकुमार यादव 84 रन बनाकर नाबाद रहे और उनकी आक्रामक लेकिन जिम्मेदार बल्लेबाजी की बदौलत भारत 161 रन के सम्मानजनक स्कोर तक पहुंच सका। इस स्कोर ने भारतीय गेंदबाज़ों को मुकाबले में लौटने का मौका जरूर दिया। अमेरिका की ओर से वैन शाल्कवाइक सबसे सफल गेंदबाज रहे, जिन्होंने 4 विकेट 25 रन देकर झटके।






