Jason Gillespie: ऑस्ट्रेलिया के पूर्व तेज गेंदबाज जेसन गिलेस्पी ने पाकिस्तान क्रिकेट टीम के मुख्य कोच के रूप में अपने करीब नौ महीने के कार्यकाल को लेकर खुलकर नाराज़गी जताई है। गिलेस्पी का कहना है कि इस दौरान पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (पीसीबी) ने कई मौकों पर उन्हें नजरअंदाज किया और अपमानजनक व्यवहार किया, जिसकी वजह से उन्हें पद छोड़ने का फैसला लेना पड़ा।
पीसीबी ने अप्रैल 2024 में गिलेस्पी को पाकिस्तान की टेस्ट टीम का मुख्य कोच नियुक्त किया था, जबकि दक्षिण अफ्रीका के पूर्व क्रिकेटर गैरी कर्स्टन को सीमित ओवरों की टीम की जिम्मेदारी दी गई थी। हालांकि कर्स्टन ने अक्टूबर 2024 में ही अपने पद से इस्तीफा दे दिया और इसके कुछ ही समय बाद दिसंबर में गिलेस्पी ने भी कोच पद छोड़ दिया।
गिलेस्पी के मुताबिक हालात तब और बिगड़ गए जब पीसीबी ने उनके सीनियर सहायक और हाई परफॉर्मेंस कोच टिम नीलसन को बिना किसी चर्चा के बर्खास्त कर दिया। नीलसन को अगस्त 2024 में नियुक्त किया गया था, लेकिन दक्षिण अफ्रीका के 2024-25 दौरे से पहले ही बोर्ड ने उनकी सेवाएं समाप्त कर दीं। गिलेस्पी ने इसे मुख्य कोच के अधिकारों का सीधा अपमान बताया।
एक्स (पूर्व ट्विटर) पर एक प्रशंसक के सवाल का जवाब देते हुए गिलेस्पी ने कहा कि उन्हें लगातार यह महसूस कराया गया कि उनकी राय और भूमिका की कोई अहमियत नहीं है। नीलसन की बर्खास्तगी के बाद उन्होंने दक्षिण अफ्रीका दौरे पर जाने से इनकार कर दिया और अंततः इस्तीफा दे दिया।
गिलेस्पी ने कहा कि अपने पूरे कार्यकाल के दौरान उन्हें पीसीबी द्वारा “पूरी तरह नजरअंदाज” किए जाने का अनुभव हुआ। इस बीच ईएसपीएनक्रिकइंफो की रिपोर्ट के अनुसार गिलेस्पी और पीसीबी के बीच भुगतान को लेकर विवाद भी चल रहा है। गिलेस्पी का दावा है कि उन्हें अब तक बकाया राशि नहीं मिली है, जबकि पीसीबी का कहना है कि उन्होंने अनुबंध के अनुसार चार महीने का नोटिस दिए बिना पद छोड़ा था।





