पूर्व भारतीय कप्तान महेंद्र सिंह धौनी ने सीनियर बल्लेबाजों विराट कोहली और रोहित शर्मा का खुलकर समर्थन करते हुए कहा है कि किसी को यह तय करने का अधिकार नहीं होना चाहिए कि वे आगे खेल सकते हैं या नहीं। धौनी का मानना है कि किसी खिलाड़ी का भविष्य उम्र नहीं, बल्कि प्रदर्शन और फिटनेस तय करनी चाहिए।
एक इंटरव्यू में धौनी ने 2027 वनडे विश्व कप में रोहित और विराट के खेलने को लेकर चल रही बहस पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा, “क्यों नहीं? कोई खिलाड़ी विश्व कप क्यों नहीं खेल सकता? मेरे लिए उम्र कोई पैमाना नहीं है। असली पैमाना प्रदर्शन और फिटनेस है।” उन्होंने साफ कहा कि सभी खिलाड़ियों के साथ समान व्यवहार होना चाहिए।
44 वर्षीय धौनी, जो अब भी आईपीएल में चेन्नई सुपर किंग्स के लिए खेलते हैं, ने अनुभव के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि अनुभव केवल 20-25 मैच खेलने से नहीं आता। दबाव में लंबे समय तक खेलने के बाद ही खिलाड़ी यह सीखता है कि भावनाओं और दबाव को कैसे संभालना है। उन्होंने कहा, “आपको अनुभव तभी मिलता है जब आप 80-85 मैच खेलते हैं और लगातार कठिन परिस्थितियों से गुजरते हैं।” धौनी ने यह भी कहा कि यह तय करना चयनकर्ताओं या बाहर के लोगों का काम नहीं है कि कौन अगला विश्व कप खेलेगा। अगर रोहित, विराट या आने वाले वर्षों में कोई अन्य खिलाड़ी अच्छा प्रदर्शन करता है और देश के लिए खेलने की भूख रखता है, तो उसे मौका मिलना चाहिए।
भारत के मौजूदा कोच गौतम गंभीर रोहित और विराट के भविष्य पर अभी कोई स्पष्ट बयान नहीं दे रहे हैं, लेकिन धौनी का मानना है कि फिट और फॉर्म में रहने वाला खिलाड़ी उम्र की परवाह किए बिना टीम में बना रहना चाहिए।
टी20 विश्व कप पर धौनी की रायभारत और श्रीलंका में फरवरी से शुरू हो रहे टी20 विश्व कप पर बात करते हुए धौनी ने कहा कि भारतीय टीम बेहद खतरनाक टीम है। हालांकि उन्होंने ओस (ड्यू) को बड़ा फैक्टर बताया। धौनी ने कहा कि ओस के कारण टॉस काफी अहम हो जाता है और यह मैच का रुख बदल सकता है।उन्होंने सूर्यकुमार यादव की कप्तानी वाली टीम पर भरोसा जताते हुए कहा कि अगर खिलाड़ी फिट रहें और अपनी भूमिकाएं सही ढंग से निभाएं, तो भारत खिताब बचाने का प्रबल दावेदार है।





