Formula 1: बहरीन में टेस्टिंग की शुरुआत, नए नियमों और तकनीक के साथ टीमों की असली परीक्षा

Formula 1 Testing begins in Baherin: फॉर्मूला 1 के नए सीजन की तैयारियां तेज हो गई हैं और बुधवार से बहरीन में आधिकारिक प्री-सीजन टेस्टिंग शुरू हो गई। 2026 सत्र से पहले टीमें नई तकनीक और संशोधित नियमों के अनुरूप अपनी कारों को परखने में जुट गई हैं।
अगले दो हफ्तों में कुल छह दिनों तक ट्रैक पर कारों की विश्वसनीयता और प्रदर्शन का परीक्षण किया जाएगा, जबकि सीजन की पहली रेस अगले महीने ऑस्ट्रेलिया में होगी।इस साल कारों में बड़े बदलाव किए गए हैं। नई कारें पहले से छोटी, संकरी और हल्की होंगी। इन परिवर्तनों का मुख्य उद्देश्य एयरोडायनामिक्स को बेहतर बनाना है। टायर अब पहले से पतले होंगे और कारों के विंग्स तथा फ्लोर डिजाइन में भी महत्वपूर्ण बदलाव किए गए हैं। इन संशोधनों से रेसिंग को और प्रतिस्पर्धी तथा रोमांचक बनाने की उम्मीद है।
तकनीकी बदलावों में एक नया “ओवरटेक” बटन शामिल है, जिसका इस्तेमाल ड्राइवर तब कर सकेंगे जब वे अपने आगे चल रही कार से एक सेकंड के भीतर हों। फॉर्मूला 1 के अनुसार यह बटन अतिरिक्त इलेक्ट्रिकल ऊर्जा उपलब्ध कराता है, जिससे ओवरटेक करने में मदद मिल सकती है। इसके अलावा, पहले जिसे “मैक्सिमम पावर” बटन कहा जाता था, उसे अब “बूस्ट” बटन नाम दिया गया है।
इंजन प्रणाली में भी बड़ा बदलाव हुआ है। अब इंजन लगभग 50-50 अनुपात में पेट्रोल और इलेक्ट्रिक ऊर्जा का उपयोग करेंगे। एफ1 के मुताबिक, इससे कारें सड़क पर इस्तेमाल होने वाली तकनीक के अधिक करीब होंगी और पर्यावरणीय संतुलन की दिशा में कदम बढ़ाया जाएगा।टेस्टिंग के पहले दिन रेड बुल के मैक्स वेरस्टैपेन ने सुबह सत्र में 1 मिनट 35.433 सेकंड का सर्वश्रेष्ठ समय दर्ज किया।
वहीं, पिछले सीजन के चैंपियन मैकलारेन के लैंडो नॉरिस अपनी टीम के साथ नए सत्र के लिए तैयारी में जुटे हैं।इन परीक्षणों से यह साफ हो जाएगा कि नई तकनीक और नियमों के बीच किस टीम ने बेहतर तालमेल बिठाया है। बहरीन में हो रही यह टेस्टिंग आगामी रोमांचक सीजन की झलक पेश कर रही है।






