Vijay Hazare Trophy: मुंबई की कप्तानी करते हुए श्रेयस अय्यर ने विजय हजारे ट्रॉफी में हिमाचल प्रदेश के खिलाफ शानदार वापसी की और 53 गेंदों पर 82 रन की तेजतर्रार पारी खेली। उनकी इस पारी में 10 चौके और तीन छक्के शामिल रहे, जबकि स्ट्राइक रेट 154.72 का रहा। बारिश से प्रभावित इस मुकाबले को 33 ओवर का कर दिया गया था, जहां शुरुआती विकेट जल्दी गिरने के बाद अय्यर ने पारी को संभालते हुए टीम को मज़बूत स्थिति में पहुंचाया।
यह अय्यर का 25 अक्टूबर 2025 को ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ भारत की वनडे सीरीज में डाइव लगाते समय लगी चोट के बाद पहला प्रतिस्पर्धी मैच था।
लंबे ब्रेक के बाद मैदान पर लौटे अय्यर की टाइमिंग और आत्मविश्वास ने फैंस और चयनकर्ताओं दोनों को प्रभावित किया। खास बात यह रही कि उनकी यह पारी ऐसे समय आई है, जब भारत की आगामी न्यूज़ीलैंड सीरीज 11 जनवरी से शुरू होने जा रही है और अय्यर को फिटनेस के आधार पर उपकप्तान नामित किया गया है।
कप्तान के रूप में अय्यर की यह पारी न केवल मुंबई के लिए अहम रही, बल्कि राष्ट्रीय टीम में उनकी तैयारियों का भी संकेत देती है। चोट से उबरकर इस तरह का प्रदर्शन करना बताता है कि अय्यर आने वाले अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों के लिए पूरी तरह तैयार हैं।
अय्यर के अलावा मुंबई की पारी को सूर्यकुमार यादव और शिवम दुबे की वापसी से भी मजबूती मिली। तीनों सीनियर बल्लेबाज़ों की मौजूदगी में मुंबई ने 33 ओवर में पांच विकेट पर 239 रन का प्रतिस्पर्धी स्कोर खड़ा किया। मुश्किल परिस्थितियों में अय्यर ने जिम्मेदारी लेते हुए स्ट्राइक रोटेशन और आक्रामक शॉट्स का बेहतरीन संतुलन दिखाया, जिससे टीम का रनरेट लगातार बना रहा।





