BNP Paribas Open : जैक ड्रेपर ने जोकोविच को हराकर किया बड़ा उलटफेर, अब मेदवेदेव से होगा सामना
38 वर्षीय जोकोविच टेनिस इतिहास के सबसे सफल खिलाड़ियों में से एक हैं और उनके नाम रिकॉर्ड 24 ग्रैंड स्लैम खिताब दर्ज हैं। उन्होंने इंडियन वेल्स में 2008, 2011, 2014, 2015 और 2016 में खिताब जीतकर इस टूर्नामेंट में दबदबा बनाया है।
ब्रिटेन के उभरते हुए टेनिस खिलाड़ी जैक ड्रेपर ने शानदार वापसी करते हुए नोवाक जोकोविच (Novak Djokovic) को हराकर बीएनपी पैरिबास ओपन के क्वार्टर फाइनल में जगह बना ली। ड्रेपर ने पहला सेट गंवाने के बाद जबरदस्त संघर्ष करते हुए पांच बार के चैंपियन जोकोविच को 4-6, 6-4, 7-6 (5) से पराजित किया।
24 वर्षीय ड्रेपर पिछले साल हाथ की चोट के कारण करीब आठ महीने तक टेनिस से दूर रहे थे। लंबे ब्रेक के बाद उनकी यह जीत उनके आत्मविश्वास और संघर्ष क्षमता को दर्शाती है। इस शानदार जीत के साथ ड्रेपर टूर्नामेंट के अंतिम आठ में पहुंच गए हैं, जहां उनका मुकाबला रूस के शीर्ष खिलाड़ी दानिल मेदवेदेव से होगा। मेदवेदेव ने चौथे दौर के एक अन्य मुकाबले में अमेरिका के युवा खिलाड़ी एलेक्स मिचेलसन सीधे सेटों में 6-2, 6-4 से हराकर क्वार्टर फाइनल में प्रवेश किया।
ड्रेपर और जोकोविच के बीच मुकाबला खास तौर पर तीसरे सेट में बेहद रोमांचक रहा। निर्णायक सेट में जोकोविच 6-5 से आगे थे और जीत के करीब दिख रहे थे, लेकिन वे इस बढ़त को जीत में नहीं बदल पाए। ड्रेपर ने दबाव में शानदार खेल दिखाते हुए मुकाबले को टाईब्रेकर तक पहुंचा दिया। टाईब्रेकर में उन्होंने संयम बनाए रखा और अंततः मैच अपने नाम कर लिया।
मैच के बाद ड्रेपर ने कहा कि वह अभी भी अपने खेल से पूरी तरह संतुष्ट नहीं हैं। उन्होंने कहा, “मुझे अब भी लगता है कि मैं वैसा टेनिस नहीं खेल रहा जैसा मैं खेलना चाहता हूं, लेकिन मैं हर मैच में अपना सर्वश्रेष्ठ देने के लिए प्रतिबद्ध हूं।”
38 वर्षीय जोकोविच टेनिस इतिहास के सबसे सफल खिलाड़ियों में से एक हैं और उनके नाम रिकॉर्ड 24 ग्रैंड स्लैम खिताब दर्ज हैं। उन्होंने इंडियन वेल्स में 2008, 2011, 2014, 2015 और 2016 में खिताब जीतकर इस टूर्नामेंट में अपनी मजबूत पकड़ दिखाई है। इस साल की शुरुआत में ऑस्ट्रेलियन ओपन के फाइनल में भी जोकोविच खिताब के करीब पहुंचे थे, लेकिन वहां उन्हें स्पेन के युवा स्टार कार्लोस अल्काराज के हाथों हार का सामना करना पड़ा। ड्रेपर की यह जीत उनके करियर की सबसे बड़ी उपलब्धियों में से एक मानी जा रही है। अब टेनिस प्रशंसकों की निगाहें इस बात पर होंगी कि क्या वह मेदवेदेव के खिलाफ भी अपनी शानदार लय बरकरार रख पाते हैं।






