
ओलंपिक पदक विजेता लवलीन बोरोगहेन और पूर्व यूथ विश्व चैंपियन अरुंधति चौधरी के शानदार नेतृत्व में भारत ने बॉक्साम एलीट अंतरराष्ट्रीय मुक्केबाजी टूर्नामेंट 2026 में जबरदस्त प्रदर्शन करते हुए कुल नौ स्वर्ण पदक अपने नाम किए। इस प्रतियोगिता में भारत सबसे सफल देश बनकर उभरा। स्पेन में आयोजित इस टूर्नामेंट में 20 देशों के 200 से अधिक मुक्केबाजों ने हिस्सा लिया।
भारत ने नौ गोल्ड, तीन सिल्वर और सात ब्रॉन्ज पदक जीतकर अपने अभियान को यादगार बनाया। खास बात यह रही कि शनिवार को भारत की महिला मुक्केबाजों ने सात एलीट फाइनल में जगह बनाई और सभी सात मुकाबलों में स्वर्ण पदक जीतकर अपना दबदबा कायम रखा। 54 किलोग्राम भार वर्ग में तो खिताबी मुकाबला पूरी तरह भारतीय मुक्केबाज़ों के बीच रहा।
महिला वर्ग में मंजू रानी (48 किग्रा) और नीतू (51 किग्रा) ने स्पेन की मुक्केबाज़ों को सर्वसम्मत फैसले से हराकर स्वर्ण पदक से अभियान की शुरुआत की। इसके बाद 54 किलोग्राम में पूनम ने कड़े मुकाबले में प्रीति को हराया।
प्रिया (60 किग्रा) और अरुंधति (70 किग्रा) ने यूक्रेन की प्रतिद्वंद्वियों पर 5-0 से जीत दर्ज की, जबकि लवलीना (75 किग्रा) ने इंग्लैंड की मैरी-केट स्मिथ को 4-1 से मात दी। नैना (80 किग्रा) ने भी यूक्रेन की राइसा पिस्कुन को हराकर स्वर्ण पदक दिलाया।पुरुष वर्ग में सचिन (60 किग्रा) और आकाश (75 किग्रा) ने बेहद करीबी मुकाबलों में जीत दर्ज कर स्वर्ण पदक जीते। दीपक (70 किग्रा) और अंकुश (80 किग्रा) को मजबूत विरोध के चलते रजत पदक से संतोष करना पड़ा।
भारतीय मुक्केबाजी महासंघ के अध्यक्ष अजय सिंह ने कहा कि यह टूर्नामेंट सत्र की शुरुआत में खिलाड़ियों के लिए बेहतरीन अंतरराष्ट्रीय अनुभव साबित हुआ। आने वाले व्यस्त अंतरराष्ट्रीय कैलेंडर से पहले यह प्रदर्शन भारतीय मुक्केबाज़ी के लिए आत्मविश्वास बढ़ाने वाला है।






