Aus vs Eng: आस्ट्रेलिया और इंग्लैंड के बीच मेलबर्न क्रिकेट ग्राउंड में खेले जा रहे चौथे एशेज टेस्ट के पहले दिन विकेटों का पतझड़ देखने को मिला और 123 साल बाद ऐसा हुआ कि पहले ही दिन 20 विकेट गिरे। आखिरी बार 1901-02 में एशेज टेस्ट के पहले दिन 20 या उससे अधिक विकेट गिरे थे। 123 साल बाद इतिहास ने खुद को दोहराया और पहले ही दिन कुल 20 विकेट गिर गए।
जोश टंग (45 रन पर 5 विकेट) की घातक गेंदबाजी से जहां आस्ट्रेलिया की पहली पारी 154 रन पर सिमटी तो माइकल नेसर (45 रन पर चार विकेट), मिचेल स्टार्क (23 रन पर दो विकेट) और स्कॉट बोलैंड (30 रन पर तीन विकेट) की तिकड़ी ने 110 रन पर इंग्लैंड का पुलिंदा बांध दिया। शुक्रवार का खेल समाप्त ने तक ऑस्ट्रेलियाई टीम ने दूसरी पारी में बिना विकेट खोए चार रन बनाकर 46 रन की बढ़त ले ली है।
सुबह इंग्लैंड ने टॉस जीतकर गेंदबाजी चुनी और उसका फैसला शुरुआती सत्र में सही भी साबित हुआ। लंच से पहले ऑस्ट्रेलिया के चार विकेट गिर चुके थे। मगर असली ड्रामा लंच के बाद देखने को मिला, जब इंग्लिश गेंदबाजों ने मेजबानों की बल्लेबाजी को तहस-नहस कर दिया। गेंद सीम और उछाल दोनों ले रही थी और बल्लेबाजों के लिए क्रीज पर टिकना बेहद मुश्किल हो गया।
माइकल नेसर ने निचले क्रम में आकर कुछ आक्रामक शॉट खेले और तेजी से रन बटोरे वरना ऑस्ट्रेलिया का स्कोर 150 तक पहुंचना भी मुश्किल लग रहा था। जोश टंग ने एक बार फिर घातक स्पेल डालते हुए टॉप ऑर्डर के बाद टेल को भी समेटा और पांच विकेट झटके। वह दूसरी पारी में हैट्रिक पर गेंदबाजी करने उतरेंगे। जब इंग्लैंड की पारी शुरू हुई, तो हालात और भी भयावह नजर आए। मिचेल स्टार्क और माइकल नेसर की तेज और सटीक गेंदबाजी के सामने इंग्लैंड की टीम महज 16 रन पर चार विकेट गंवा बैठी। ऐसा लग रहा था मानो बल्लेबाजी करना लगभग नामुमकिन हो।
इन मुश्किल हालात में हैरी ब्रूक ने वही किया, जो उनकी पहचान बन चुका है। जब टिककर खेलना कठिन हो, तब आक्रमण ही बचाव का सबसे अच्छा तरीका बन जाता है। ब्रूक ने तेजी से 41 रन बनाकर इंग्लैंड को थोड़ी राहत दी, लेकिन स्कॉट बोलैंड ने उनकी पारी का अंत कर दिया। इसके बाद विकेटों का सिलसिला फिर शुरू हो गया।
दिन का खेल खत्म होने से पहले ऑस्ट्रेलिया को सिर्फ एक ओवर निकालना था। नाइटवॉचमैन के रूप में उतरे बोलैंड ने यह जिम्मेदारी निभाई और सुनिश्चित किया कि अगले दिन ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाज बिना नुकसान के उतर सकें।






