World Rapid Chess Championship: भारत की दिग्गज शतरंज खिलाड़ी कोनेरू हम्पी दोहा में खेली गई विश्व रैपिड शतरंज चैंपियनशिप में तीसरा खिताब जीतने के बेहद करीब पहुंचकर भी चूक गईं और टाईब्रेक नियमों के कारण उन्हें महिला वर्ग में कांस्य पदक से संतोष करना पड़ा।
फिडे विश्व रैपिड चैंपियनशिप के 11वें और अंतिम दौर के बाद हम्पी 8.5 अंकों के साथ संयुक्त रूप से शीर्ष स्थान पर रहीं, लेकिन टाईब्रेक में पिछड़ने के कारण वह तीसरे स्थान पर खिसक गईं।2019 और 2024 में विश्व रैपिड खिताब जीतने वाली हम्पी चीन की झू जिनर और रूस की ग्रैंडमास्टर अलेक्ज़ेंड्रा गोर्याचकिना के साथ समान अंक लेकर आगे रहीं। हालांकि फिडे के टाईब्रेक नियमों बुकहोल्ज कट-1, बुकहोल्ज और प्रतिद्वंद्वियों की औसत रैपिड रेटिंग के आधार पर हम्पी (69, 74 और 2335) झू (72.5, 77.5 और 2410) और गोर्याचकिना (71.5, 77 और 2360) से पीछे रह गईं।
इसके बाद खिताब के लिए हुए टाईब्रेक मुकाबले में गोर्याचकिना ने झू जिनर को 1.5-0.5 से हराकर पहली बार विश्व रैपिड खिताब और 40,000 यूरो की पुरस्कार राशि अपने नाम की। हम्पी अगर अंतिम दौर में यदि हमवतन बी. साविता श्री के खिलाफ जीत दर्ज कर लेतीं तो नौ अंकों के साथ इतिहास रचते हुए तीसरी बार विश्व रैपिड चैंपियन बन जातीं, जो अब तक किसी महिला खिलाड़ी ने हासिल नहीं किया है। 18 वर्षीय चेन्नई की साविता ने सफेद मोहरों से खेलते हुए 64 चालों में मुकाबला ड्रॉ कराया। साविता 8 अंकों के साथ चौथे स्थान पर रहीं, जबकि आर. वैशाली भी 8 अंकों के साथ पांचवें स्थान पर रहीं। दिव्या देशमुख (7.5) आठवें और डी. हरिका (7) 19वें स्थान पर रहीं।
पुरुष (ओपन) वर्ग में विश्व नंबर एक मैग्नस कार्लसन ने अपना छठा विश्व रैपिड खिताब जीतकर एक बार फिर अपनी श्रेष्ठता साबित की। नॉर्वे के कार्लसन ने 10.5 अंकों के साथ खिताब जीता और 70,000 यूरो की इनामी राशि हासिल की। रूस के व्लादिस्लाव आर्तेमिएव 9.5 अंकों के साथ दूसरे स्थान पर रहे। भारत के अर्जुन एरिगैसी ने अंतिम दौर में रूस के अलेक्ज़ेंडर शिमानोव को हराकर 9.5 अंक जुटाए और कांस्य पदक अपने नाम किया।
विश्व चैंपियन डी. गुकेश (8.5) 20वें, निहाल सरीन (8.5) 19वें और आर. प्रज्ञानानंदा (8.5) 27वें स्थान पर रहे। अब सभी की निगाहें सोमवार से शुरू होने वाली विश्व ब्लिट्ज चैंपियनशिप पर टिकी होंगी।






