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Formula-1: एफ-1 के पहले टेस्ट में परफॉर्मेंस पर नहीं, बल्कि माइलेज पर होगा फेरारी का फोकस

Ferari Strategy for Season 2026: फॉर्मूला 1 के पहले टेस्ट में फेरारी का पूरा ध्यान माइलेज पर होगा न कि परफॉर्मेंस पर। ये बात खुद फेरारी टीम के प्रमुख फ्रेड वासेर ने कही है। वासेर ने कहा कि इसका बड़ा कारण 2026 में लागू होने वाले बड़े नियम बदलाव है। ये कारों के पावर यूनिट और चेसिस दोनों को पूरी तरह से नया रूप देंगे।

2026 सीजन में कारें पहले से हल्की और छोटी होंगी, जबकि इलेक्ट्रिक पावर पर ज्यादा जोर रहेगा। फेरारी, जो 2025 में चौथे स्थान पर रही थी, 2008 के बाद अपना पहला खिताब जीतने की कोशिश में है।

इन बदलावों के चलते इस बार तीन अलग-अलग प्री-सीजन टेस्ट आयोजित किए जा रहे हैं, जिनमें बार्सिलोना (26–30 जनवरी), बहरीन (11–13 फरवरी) और फिर बहरीन (18–20 फरवरी)। शामिल हैं। खास बात यह है कि बार्सिलोना टेस्ट निजी होगा, ताकि टीमें सार्वजनिक निगरानी से दूर नए नियमों के अनुरूप ढल सकें। इसके बाद ऑस्ट्रेलियन ग्रां प्री (6–8 मार्च) से सीजन की शुरुआत होगी।

वासेर ने कहा, हम नौ टेस्ट दिनों के आदी नहीं हैं। पिछले चार-पांच सीजन में सिर्फ तीन दिन होते थे। यह फायदा भी है, लेकिन कार्यक्रम बिल्कुल अलग है। ऐसे सीजन में पहली प्राथमिकता कार की भरोसेमंदी (Reliablity) और ज्यादा से ज्यादा माइलेज हासिल करना है। उन्होंने कहा कि 2025 सीजन में हमने शुरुआती चरण में तकनीकी समस्याओं और अयोग्यता (Disqualification)के कारण टीम ने कीमती माइलेज और रेफरेंस खो दिया था, जिसका असर पूरे सीजन में दिखा।अगर आप बहरीन में किसी समस्या को समझते हैं, तो ऑस्ट्रेलिया से पहले प्रतिक्रिया देने का समय नहीं मिलता।

वासेर ने कहा कि बार्सिलोना टेस्ट में सभी टीमें एक तरह की स्पेक-ए कार लेकर आएंगी, जो सीजन के दौरान मेलबर्न में उतरने वाली अंतिम कार से काफी अलग होगी। उनका मानना है कि 2026 का नियम प्रभावी डेवलपमेंट क्षमता से तय होगा, न कि शुरुआती तस्वीर या ऑस्ट्रेलिया की रैंकिंग से।

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